आदत / खलील जिब्रान / सुकेश साहनी

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(अनुवाद :सुकेश साहनी)

मेरे पिताजी के बाग में दो पिंजड़े हैं। एक में शेर है, जिसे मेरे पिता के दास नातिवा के रेगिस्तान से पकड़कर लाए थे और दूसरे में एक चिड़िया।

प्रतिदिन सुबह चिड़िया शेर से कहती है, "कैदी भैया जी! गुड मार्निग टू यू!"