दिलवाले और चलती का नाम गाड़ी / जयप्रकाश चौकसे

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दिलवाले और चलती का नाम गाड़ी
प्रकाशन तिथि :15 जुलाई 2015


शाहरुख खान की कंपनी के लिए रोहित शेट्‌टी 'चैन्नई एक्सप्रेस' के बाद दूसरी फिल्म 'दिलवाले' बना रहे हैं जो 19 दिसंबर को प्रदर्शित होगी। शाहरुख खान और अजय देवगन के बीच वर्षों पूर्व कोई विवाद हुआ था परंतु उनके बीच कॉजोल और रोहित शेट्‌टी सेतु की तरह हैं। ज्ञातव्य है कि पांचवे-छठे दशक के एक्शन मास्टर शेट्‌टी के पुत्र रोहित और सातवें-आठवें दशक के एक्शन मास्टर वीरू देवगन के पुत्र अजय पुराने मित्र हैं और उनके पिता एक ही व्यवसाय में विभिन्न काल खं़ड में श्रेष्ठ रहे हैं और अजय ने ही रोहित शेट्‌टी को निर्देशन क्षेत्र में आने को प्रेरित भी किया और सहायता भी की। अजय देवगन बहुत ही सुलझे हुए व्यक्ति हैं और किसी किस्म का टुच्चापन उन्हें पसंद नहीं। उनकी और शाहरुख अभिनीत फिल्में दीपावली पर टकराई हैं और शाहरुख के निर्माता मित्र आदित्य चोपड़ा ने इसे कुछ इस कदर गंभीरता से लिया कि जिस समारोह में यश चोपड़ा निर्माण संस्था की सभी नायिकाओं को आमंत्रित किया था, उसमें 'दुल्हनिया' काजोल को नहीं बुलाया गया। जाने कैसे हर सफल सृजनकर्ता ऐसी संकीर्णता प्रदर्शित करता है। मन में इस तरह की गांठ बांधने को बातचीत की भाषा में खुन्नस कहते हैं और यह बहुत गहरी पैंठ जाती है। सामने अपने अस्तित्व का सवाल है तब भी लालू और नीतीश खुन्नस नहीं छोड़ पा रहे हैं। जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी आत्मघाती खुन्नस बड़ी भूमिका निभाती है। अजय दे‌वगन खुन्नस से मुक्त हैं, उन्होंने संहर्ष कॉजोल को 'दिलवाले' में नायिका की भूमिका करने दी। आज भी अजय देवगन विशाल बंगले में अपने माता-पिता के साथ संयुक्त परिवार में रहते हैं और तमाम रिश्तेदारों को काम-धाम में लगाया है।

रोहित शेट्‌टी प्राय: किसी पुरानी सफल फिल्म से मूल विचार लेकर उसे एक स्वतंत्र रचना की तरह प्रस्तुत करते हैं। यही खेल डेविड धवन और लेखक अनीज बज़्मी ने लंबे समय तक खेला। महमूद-विनोद मेहरा अभिनीत 'दो फूल' को 'आंखें' के नाम से बनाया। यह हमारे सिनेमा में लंबे समय से हो रहा है। रोहित शेट्‌टी ने ऋषिकेश मुखर्जी की 'गोलमाल' से प्रेरित होकर गोलमाल शृंखला ही गढ़ दी। ऋिषकेश मुखर्जी की अनेक फिल्मों के नए संस्करण बनाने के अधिकार बेचकर रोमू सिप्पी ने बहुत धन कमाया है। ज्ञातव्य है कि रोमू सिप्पी के पिता एन.सी. सिप्पी और ऋिषकेश मुखर्जी बराबर के भागीदार थे।

खबर है कि 'दिलवाले' का मूल विचार किशोर, अशोक, अनूप व मधुबाला अभिनीत 'चलती का नाम गाड़ी' से लिया गया है परंतु तीन भाइयों की इस सफल हास्य फिल्म से रोहित शेट्‌टी ने अनूप कुमार की भूमिका को हटा दिया है और बड़े बॉक्सर भाई अशोक कुमार की भूमिका शाहरुख खान कर रहे हैं। बॉक्सर बड़े भैया एक महिला के तथाकथित विश्वासघात के कारण अपने भाइयों को महिलाओं से दूर रखते हैं और मधुबाला छोटे भाई किशोर के जीवन में प्रवेश करती है। यह एक अद्‌भुत हास्य फिल्म थी और सचिन देव बर्मन तथा मजरूह सुल्तानपुरी ने माधुर्य रचा था। 'एक लड़की भीगी भागी सी, सोती राहों में जागी सी' की धुन पर मधुबाला की मादकता ने जादू पैदा किया और 'पहले लौटा दे मेरा पांच रुपया बारह आने' में किशोर के गायन और अभिनय का कमाल था। यों तो मजरूह साहब एक गंभीर शायर थे परंतु नटखट गीत लिखने में उनका जवाब नहीं था। विजय आनंद के लिए उन्होंने लिखा था 'आंचल के पीछे क्या, गजब की हलचल' और इसके कोई पचास बरस बाद आनंद बक्षी के 'चोली के पीछे क्या' पर उम्रदराज मजरूह को ऐतराज था। तब तक वे 'आंचल के पीछे गजब की हलचल' भूल चुके थे और इस बात को हम ऐसे भी समझ सकते हैं कि 'वे करें तो लीला, हम करें तो कैरेक्टर ढीला।'

बहरहाल रोहित शेट्‌टी की मिक्सी में 'चलती का नाम गाड़ी' जाकर किसी और स्वरूप में 'दिलवाले' के रूप में सामने आएगी। कोई अब कुछ भी कर ले परंतु सचिन देव बर्मन और मजरूह की जोड़ी कहां से लाएंगे। जब राहूल देव बर्मन 'बीबी ओ बीबी' नामक हास्य फिल्म के लिए संगीत रच रहे थे तो उनका अपने बचाव का तरीका था कि इस हास्य फिल्म में माधुर्य कैसे रचें, तब उन्हें किसी ने उनके पिता की याद नहीं दिलाई जबकि मेहमूद की 'पड़ोसन में वे फुल फार्म में थे।