बोनी कपूर विरुद्ध राजामौली ‘मैदान’ में / जयप्रकाश चौकसे

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बोनी कपूर विरुद्ध राजामौली ‘मैदान’ में
प्रकाशन तिथि : 29 जनवरी 2021


बोनी कपूर ने अजय देवगन अभिनीत फिल्म ‘मैदान’ के प्रदर्शन की घोषणा की कि फिल्म दशहरे के दिन सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। अभी कुछ दिन पूर्व ही दक्षिण भारत में बनी फिल्म ‘आरआरआर’ के प्रदर्शन की घोषणा हुई है, जिसमें अजय देवगन की महत्वपूर्ण भूमिका है। गोयाकि दशहरे पर अजय विरुद्ध अजय द्वंद्व होगा। आज के दौर में नैतिकता की बात करना व्यर्थ है परंतु ‘मैदान’ की घोषणा के पश्चात ‘आरआरआर’ किसी और दिन प्रदर्शित की जानी चाहिए। इससे स्पष्ट है कि दर्शक संकट गहरा है और केवल छुट्टियों के दिन ही भीड़ एकत्रित होती है। सिनेमा पर कर थोपने वाले रविवार की भीड़ देखकर, कर पर कर लाद देते हैं क्योंकि उन्होंने अन्य दिनों को सिनेमाघरों में छाया सन्नाटा सुना नहीं है। फिल्म ही क्या, सामाजिक और पारिवारिक मिलना-जुलना भी शनिवार-इतवार तक ही सिमट कर रह गया है।

ज्ञातव्य है कि बोनी कपूर को ‘मैदान’ की शूटिंग कोरोना के कारण बंद करके भव्य सेट तोड़ना पड़ा था। उन्होंने मेहनत और प्रतिभा से पुनः सारा आयोजन किया है। आजकल प्रदर्शन पूर्व प्रचार के लिए कलाकार विविध कार्यक्रमों में उपस्थिति से अपनी फिल्म का प्रचार करता है। अजय देवगन के लिए कठिन होगा कि वे दोनों फिल्मों का प्रचार करें। ऐसा लगता है कि वे बोनी कपूर की फिल्म को ही प्रचारित करेंगे। बोनी प्राय: दक्षिण भारत में बनी फिल्मों से प्रेरित हिंदी फिल्में बनाते रहे हैं। कुछ समय पूर्व उन्होंने तापसी पन्नू और अमिताभ बच्चन अभिनीत ‘पिंक’ को तेलुगु भाषा में बनाया था। उन्होंने कुछ मुंबई में बनी फिल्मों के अधिकार खरीदे हैं, जिन्हें वे तमिल व तेलुगु में बनाने वाले हैं।

दक्षिण भारत में बनी फिल्में, साहसी व सामाजिक विषयों से प्रेरित होती हैं। हैराल्ड स्कॉलरशिप पाने वाले गिरीश कर्नाड ने अभिनय करने के साथ फिल्में भी निर्देशित की हंै। सार्थक सफल फिल्में बनाने वाले श्याम बेनेगल गुरु दत्त के चचेरे भाई थे दोनों का फिल्म बनाना एक-दूसरे से भिन्न रहा है। गुरु दत्त का झुकाव बंगाल के साहित्य की ओर रहा। उनकी पत्नी गायिका गीता रॉय बंगाली थीं। उनके आपसी संबंध बिगड़ने के बाद भी उन्होंने गीता रॉय से पार्श्व गायन कराया है। जब 21 मार्च को कोरोना के कारण ‘मैदान’ स्थगित की गई थी, तब स्टेडियम का सेट हटाना पड़ा था। ज्ञातव्य है कि ‘मैदान’ एक फुटबॉल कोच की कथा है। मैदान पर जमा पानी बाहर निकालने के लिए विशेष व्यवस्था बोनी कपूर ने की थी। फिल्म को पुन: शूट करने के लिए मैदान पर सुरक्षा कर्मी नियुक्त किए गए थे। आज ही बोनी कपूर ने बताया कि बची हुई शूटिंग प्रारंभ कर दी गई है।

ज्ञातव्य है कि राजामौली की ‘बाहुबली’ में तर्क को तिलांजलि दी गई, भव्यता को महानता कहने का दुस्साहस किया था। बॉक्स ऑफिस पर ‘बाहुबली’ की सफलता संकेत देती है कि आज अवाम भी तर्क छोड़ चुका है। मिथ और माइथोलॉजी ने राजनीति क्षेत्र में प्रवेश किया और सत्ता पर काबिज हो गए। यह अवाम के झुकाव का ही परिणाम है। इस रात का कोई सवेरा नजर नहीं आ रहा है सभी और धुंध छाई हुई है।

फुटबॉल एकमात्र खेल है, जिसमें सबकुछ खिलाड़ी के दमखम और चतुराई पर निर्भर करता है। हॉकी और क्रिकेट में स्टिक और बल्ले की सहायता प्राप्त है। रोशनी की कमी और बारिश की संभावना के कारण क्रिकेट खेल रोक दिया जाता है परंतु फुटबॉल झमाझम भारी बारिश में भी जारी रखा जाता है। कीचड़ में लथपथ खिलाड़ियों की पहचान उनकी खेल नीति से ही समझ में आती है। कभी-कभी सेल्फ गोल भी मैच में निर्णायक साबित होता है। पेले और मैराडोना इस खेल के सर्वकालिक महानायक सिद्ध हुए हैं। फुटबॉल में गेंद सिर से मारी जा सकती है, हाथ लगने को दोष माना जाता है।